इन 9 दिनों तक
- Mister Bhat
- Sep 24, 2025
- 2 min read
कविता का शीर्षक - इन 9 दिनों तक
सुबह से मैं यही सोच रहा था की,
इस नवरात्री पर क्या लिखा जाये |
शाम होते - होते समझ आया की,
क्यों ना इस बार सच लिखा जाये |
1.
अब से इन 9 दिनों तक,
हर कन्या को पूजा जायेगा |
पैर धोकर सत्कार करेंगे
सम्मान से रखा जायेगा | |
2.
अब से इन 9 दिनों तक,
हर दृष्टि पड़ने वाली पवित्र होगी |
अनेक स्वादिष्ट व्यंजन बनेंगे ,
हलवा, खीर, पराठे, पूरी होगी | |
3.
अब से इन 9 दिनों तक,
हर लड़की को सम्मान मिलेगा |
राजकुमारी बनाकर सेवा करेंगे,
तभी माता का आशीर्वाद मिलेगा | |
4.
अब से इन 9 दिनों तक,
हर लड़की धार्मिक होगी |
होगी सदभावना मन में उनके,
चेहरे पर भी सादगी होगी | |
5.
अब से इन 9 दिनों तक,
लड़कियां रोज पूजा पाठ करेगी |
विदेशी फ़ैशन छोड़ कर अब वो,
भारतीय परिधान पसंद करेगी | |
6.
अब से इन 9 दिनों तक,
सोशल दुनिया का दिखेगा नया रंग |
फिल्टर नहीं, बस तिलक-चुनरी,
सजायेंगे सबके अंग-अंग।
7.
अब से शायद इन 9 दिनों तक,
ना कोई भी लड़की भूखी होगी |
न कहीं कोई छेड़ छाड़ का मामला,
ना ही कोई गैंग रेप की घटना होगी | |
8.
शायद इस नवरात्री के इन 9 दिनों में,
वो प्रेमिका कुछ कमाल कर दिखाये |
जिन्हे विश्वास है अपने, गैर धर्म के प्रेमी पर,
वो अपने उस सच्चे प्रेमी को मंदिर तक ले आये | |
9.
शायद इस नवरात्री कुछ ऐसा हो जाये,
वो प्रेमिका अपने गैर हिन्दू प्रेमी से ये कह पाये |
प्रेम में हर बार प्रेमिका ही क्यों अपना धर्म बदले,
प्रेमी अगर सच्चा है तो धर्म बदलकर हिन्दू हो जाये | |
नवरात्री की हार्दिक बधाई 🙏🙏🙏

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